बस पूरी भरी हुई थी. कहीम जगह नहीं थी
एक मजदूर अपने बेटी के साथ बस में चढ़ा
आखिरी सीट पर पीछे बैठे हुए एक युवक ने उससे कहा- “भैया, यहां बैठ जाओ> .
मजदूर बोला-“ भैया ! बैठे रहो.. तुम भी थके हुए लगते हो.”
युवक मुस्कुराया. बोला-“ भैया ! मैं जवान हूँ. थोड़ी देर खड़ा रह सकता हूँ.”
पास बैठे लोगों ने सोचा-“ आजकल ऐसे लड़के कहाँ देखने में मिलते हैं.”
कुछ देर बाद कंडक्टर टिकिट काटने आया. युवक ने जेभ टटोली. जेब में फ़ूटी कौड़ी नहीं थी.उस युवक ने धीरे से उस मजदूर से कहा-“ भैया, मेरे पास टिकिट के पैसे नहीं है. कृपया आप मेरी टिकिटल ले लो. मैं जल्दी ही आपके पैसे लौटा दूंगा. . ”
मजदूर कुछ पल उसे देखता रहा और मुस्कुराते हुए उसने दो टिकट ले लिए.
बस आगे बढ़ गई और इंसानियत भी.