रेल्वे स्टेशन के बाहर एक भिखारी रोटी माँग रहा था.
लोग आते-जाते रहे, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया.
तभी एक छोटा लड़का आया. उसके हाथ में केवल दो रोटियाँ थीं. उसने एक रोटी भिखारी को दे दी.
भिखारी ने पूछा- -“ बेटा तुम क्या खाओगे?
लड़का मुस्कुराया और बोला-“ एक रोटी मेरे लिए पर्याप्त है.”
एक सज्जन पास ख़ड़े सब देख रहे थे. अत्यन्त प्रसन्न होते हुए उन्होंने जेब से एक सौ रुपये का नोट निकाला और उसे देना चाहा.
लड़के ने हाथ पीछे खींच लिए.
आश्चर्यचकित होकर उन्होंने पूछा-“ तुमने नोट लेने से इनकार क्यों कर दिया?.”
उस मासूम लड़के ने कहा-“ श्रीमन, मैंने रोटी बाँटी है, बेची नहीं.”
.सज्जन के हाथ में पकड़ा नोट अचानक बहुत छोटा लगने लगा था.