एक गाँव में हर रात अंधेरा छाया रहता. लोग शिकायत तो करते,लेकिन कोई कारगर उपाय नहीं करते थे.
एक दिन एक छॊटी बच्ची अपने घर के बाहर एक दीपक जलाकर बैठ गई,
लोग हँसने लगे. कुछ ने कहा-“ एक दीपक से पूरे गाँव का अंधकार थोड़े ही दूर होगा.”
बच्ची ने मुस्कुराते हुए कहा-“ मैं पूरे गाँव का अन्धकार तो नहीं मिटा सकती, पर अपने हिस्से का अन्धकार तो दूर कर सकती हूँ;
उसकी बात सुनकर लोगों ने अपने-अपने घरों के सामने प्रज्ज्वलित दीपक रखे. इस तरह सारा अन्धकार देखते ही देखते मिट गया था.