पिता के निधन होने के बाद तीनों भाई पुस्तैनी मकान के बँटवारे के लिए बैठे.
जब सारा बटंवारा हो चुका तो इस बात पर बात अटक गई कि मां किसके पास रहेगी. उसकी सेवा-सुश्रुषा कौन करेगा?.
छोटे भाई ने कहा-“ माँ, .बड़े भैया के साथ रहेगी” .”
बड़े ने टका-सा जवाब देते हुए कहा-“ ये कैसे हो सकता है? वह तो हम तीनों की माँ है.
बहस के अंत में निर्णय हुआ कि वह चार महिने बड़े भाई के यहाँ रहेगी. दूसरे तीन माह बाद मंझले के यहाँ और अंत में छोटे के यहाँ रहेगी.