पूरे सप्ताह परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप में संदेशों की भरमार रहती थी.
गुड मार्निंग, गुड ईव्निंग, जय सियाराम आदि-आदि
रविवार के दिन दादी को हास्पिटल में एडमिट किया गया.
दादाजी ने बाट्स एप पर लिखा- सभी को सूचित कर देना.”
खबर तो कर दी गई, लेकिन ग्रुप में उस दिन के बाद से कोई संदेश नहीं आया.